भागलपुर! स्थानीय उद्यमियों को सशक्त बनाने एवं युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से जिला उद्योग केंद्र, भागलपुर द्वारा विशेष ऋण स्वीकृति एवं वितरण कैंप का सफल आयोजन किया गया। कैंप का उद्देश्य आत्मनिर्भर उद्यम समृद्ध बिहार* एवं विकसित भारत* के संकल्प को साकार करने की दिशा में उद्यमियों को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराना रहा। कैंप के दौरान जिले के उद्यमियों को बैंक ऋण की स्वीकृति एवं वितरण के माध्यम से महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान की गई। कुल 15 उद्यमियों के लिए ₹239.85 लाख (लगभग ₹2.40 करोड़) के ऋण की स्वीकृति प्रदान की गई, जबकि 4 उद्यमियों के बीच ₹16.93 लाख की ऋण राशि का वितरण किया गया। विभिन्न बैंकों ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिकाऋण स्वीकृति के मामले में विभिन्न बैंकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। इनमें यूको बैंक द्वारा ₹58.35 लाख, इंडियन बैंक द्वारा ₹50.00 लाख तथा पंजाब नेशनल बैंक द्वारा ₹46.85 लाख की ऋण राशि स्वीकृत की गई। बैंकों की सक्रिय भागीदारी से स्थानीय उद्यमियों को अपने व्यवसाय को स्थापित एवं विस्तारित करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलने की उम्मीद है।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं पर जोर कैंप में उद्यमियों एवं युवाओं को केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न स्वरोजगार परक योजनाओं की जानकारी भी दी गई। मुख्य रूप से निम्न योजनाओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया—PMFME: खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना एवं विस्तार के लिए वित्तीय सहायता और अनुदान। PMEGP: नए स्वरोजगार एवं उद्यम स्थापित करने के लिए सब्सिडी युक्त वित्तीय सहायता।PMVY: पारंपरिक कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए कौशल विकास, टूलकिट प्रोत्साहन तथा रियायती ऋण की सुविधा।जिला उद्योग केंद्र, भागलपुर द्वारा उद्यमियों को बैंक ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया में आवश्यक मार्गदर्शन एवं हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के ऋण स्वीकृति एवं वितरण कैंप से जिले में खाद्य प्रसंस्करण, कुटीर उद्योग एवं अन्य छोटे उद्यमों को नई गति मिलेगी तथा रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। कैंप के सफल आयोजन से जिले में उद्यमिता को बढ़ावा देने, युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने तथा स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को गति देने की दिशा में सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है।
