कहलगांव/ डेली मिरर,
कहलगांव नगर पंचायत के डंपिंग ग्राउंड के अभाव में कूड़े का उठाव नहीं होने से फैले कचरे के अंबार ने शहर की आबोहवा को बिगाड़ कर रख दिया है। पिछले सात दिनों से कूड़े का उठाव को लेकर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से कहलगांव शहर में जगह -जगह कूड़े का ढेर लगता जा रहा है। जिससे शहर की हालत नारकीय बन गई है।
इधर सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बेपटरी हो गयी है। नपं प्रशासन की घोर लापरवाही एवं जन प्रतिनिधियों की उदासीनता के कारण रविवार को भी शहर के सभी 17 वार्डों से कूड़े – कचरे का उठाव नहीं हो पाया है। नतीजतन सड़क पर ही कूड़े कचरे भयानक तरीके से
बिखरे पड़े हुए हैं। और आवारा पशु कचरे को इधर उधर फैला रहे हैं। सड़ांध बदबू ने लोगों के जीवन को नरक बना दिया है। इसको लेकर नपं प्रशासन के खिलाफ शहरवासियों में तीव्र रोष देखा जा रहा है। इधर नपं सफ़ाई कर्मियों द्वारा शहर से दूर एनएच-80 पर स्थित खाली जमीन पर चोरी छिपे कूड़े को डंप किया जा रहा है। हालांकि इसको लेकर ग्रामीणों द्वारा कचरे को गिराने का तीव्र विरोध भी किया जा रहा है।
इसके बावजूद नपं प्रशासन
द्वारा अब तक कूड़े के निपटान के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गयी है।
यह कुव्यवस्था नगर पंचायत के स्वास्थ्य सर्वेक्षण 2026 को शिद्दत से चिढ़ा रही है।
वहीं जिम्मेदार नगर सरकार एवं नपं प्रशासन इस गंभीर समस्या को लेकर मूकदर्शक बने हुए हैं।
कहलगांव शहर बदहाल,
शहर के कुल 17 वार्डों से कूड़े -कचरे का उठाव नहीं होने से स्थिति इतनी विकट हो गया है कि शहर के प्रमुख चौक-चौराहों से लेकर गली-मोहल्लों तक कचरे के ऊंचे-ऊंचे ढेर लग गए हैं। जिससे पूरा शहर चारों ओर से गंदगी एवं बदहाली के दौर से गुजर रहा है। शहरवासी गंदगी के अंबार से त्रस्त एवं परेशान हैं।
मुख्य बाजार, रेलवे स्टेशन चौक, पोस्ट आफिस रोड,
ओल्ड अस्पताल रोड, पुरानी बाजार , मारवाड़ी टोला, श्याम मंदिर, चौधरी टोला, थाना रोड , राज घाट रोड में
में कचरे का अंबार लग चुका हैं। सड़कों पर फैली कचरे का दायरा अब आवागमन को भी प्रभावित कर रहा है।
सभी वार्डों से कचरा नहीं उठाव के कारण बरसात के मौसम में उसमें सड़न पैदा हो गई है। इससे उठने वाली भीषण सडांध दुर्गंध के कारण आसपास के दुकानदारों एवं राहगीरों का सांस लेना मुश्किल हो गया है। अब तो बदबू घर के भीतर आने लगी है।
बरसात के पानी में लंबे समय से कूड़ा के पसरे रहने से संक्रमण एवं बीमारी फैलने का आशंका बढ़ गई है।
जन प्रतिनिधियों एवं
नपं प्रशासन की चुप्पी,
नगर पंचायत कार्यालय में डंपिंग ग्राउंड मामले को लेकर बैठक बुलायी गई थी। लेकिन अफसोस उक्त बैठक में महज चार- पांच वार्ड पार्षदों ने ही हिस्सा लिया।
और बैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गयी।
इस विकट समस्या को लेकर नपं प्रशासन
का कहना है कि फिलहाल जहां खाली सूखा जगह मिले, वहीं पर कचरे को डंप किया जाए। बाढ़ का पानी घटने तक इंतजार करने को कहा गया है। वहीं इस निर्देश को लेकर नपं के सफ़ाई पदाधिकारी एवं कर्मचारी उहापोह की स्थिति में है।
शहर की इस गंभीर समस्या का निदान नहीं होने पर नपं के प्रति लोगों में गहरा रोष है।
आरोप है कि नगर सरकार और नपं प्रशासन इस गंभीर संकट पर पूरी तरह आंखें मूंदे बैठा है। जनता द्वारा चुने गए वार्ड पार्षद भी अपनी जिम्मेदारी से पूरी तरह विमुख नजर आ रहे हैं। सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के बजाय पार्षदों की उदासीनता ने जनता के गुस्से को और भड़का दिया है। जो आगामी नपं चुनाव में देखने को मिल सकता है। शहरवासियों ने नपं प्रशासन से मांग की है कि कहलगांव शहर को कचरा मुक्त करने के लिए शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएं। ताकि शहर में संक्रमण फैलने की आशंका नहीं हो।
नपं को टैक्स देने वाली जनता को इस भीषण गंदगी के बीच रहने को विवश करना बिल्कुल अनुचित है।
कहलगांव के एसडीएम राकेश रंजन ने बताया कि अगर नपं प्रशासन सरकारी जमीन की मांग करती है तो सीओ को निर्देशित किया जाए। रैयत जमीन का भी प्रावधान है। यह प्रकिया दस दिन बाद ही संभव है।
