मुंगेर-भागलपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राहत शिविरों का किया निरीक्षण

मुंगेर/भागलपुर, 16 सितंबर 2026। बिहार में बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत एवं सहायता पहुंचाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को मुंगेर और भागलपुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। दोनों नेताओं ने राहत शिविरों में रह रहे प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और राहत व्यवस्था की जानकारी ली।

राहत शिविरों में पहुंचकर प्रभावित परिवारों से संवाद
मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने मुंगेर के सीताकुंड क्षेत्र में संचालित बाढ़ राहत शिविर का निरीक्षण किया। अधिकारियों से राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी लेने के साथ ही प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही भोजन, स्वास्थ्य, आवास और अन्य सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली गई।

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान इसके बाद भागलपुर की ओर रवाना हुए। उनके कार्यक्रम में नवगछिया क्षेत्र के कोजीकरैया-राघोपुर तटबंध का निरीक्षण तथा भागलपुर पॉलिटेक्निक कॉलेज स्थित राहत शिविर में प्रभावित परिवारों से मुलाकात शामिल रही।

8.5 लाख से अधिक परिवारों तक पहुंची राहत सामग्री
सरकारी सूचना के अनुसार बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच बड़ी संख्या में राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई है। प्रभावित परिवारों की स्थानीय समस्याओं को जनप्रतिनिधियों एवं जिलाधिकारियों के माध्यम से समझकर उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।

मुंगेर-भागलपुर के बीच 83 किलोमीटर फोरलेन सड़क का प्रस्ताव
दौरे के दौरान बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा और भविष्य में बाढ़ के प्रभाव को कम करने के लिए सड़क एवं सुरक्षात्मक ढांचे को भी महत्वपूर्ण बताया गया। मुंगेर और भागलपुर के बीच लगभग 83 किलोमीटर लंबे फोरलेन गंगा पथ के निर्माण की योजना है। प्रस्तावित सड़क में एलिवेटेड तथा एट-ग्रेड हिस्से शामिल होंगे और सुरक्षात्मक उपायों के जरिए बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सुरक्षा में मदद मिलने की बात कही गई है। इस परियोजना के एलिवेटेड हिस्से के लिए जल संसाधन विभाग से एनओसी मिलने की रिपोर्ट पहले भी सामने आ चुकी है।

किसानों को फसल क्षति के आकलन के बाद सहायता
केंद्रीय कृषि मंत्री के दौरे का एक प्रमुख उद्देश्य बाढ़ से किसानों और फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेना भी रहा। केंद्रीय टीम प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति का आकलन कर रही है। सरकार की ओर से कहा गया है कि नुकसान के आकलन के आधार पर प्रभावित परिवारों और किसानों को निर्धारित प्रावधानों के तहत सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

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