भागलपुर जिले के कहलगांव में गंगा उफान पर है। और यह खतरे के निशान (31.09 मीटर) को पार कर गई है।
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, कहलगांव में गंगा का जलस्तर 31.12 मीटर दर्ज किया गया है, जो निर्धारित खतरे के निशान से 3 सेंटीमीटर ऊपर है।
कहलगांव में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान (31.09 मीटर) से 3 सेमी ऊपर (31.12 मीटर) पहुंच गया है। इसके अलावा कुआं नदी, भयना, गेरूआ और घोघा नदी भी उफान पर हैं।
भागलपुर में गंगा का वार्निंग लेवल 32.68 मीटर है, जो शनिवार को 32.73 मीटर दर्ज होने के बाद वार्निंग लेवल से 5 सेंटीमीटर ऊपर चल रहा है।
बाढ़ आपदा विभाग के कार्यपालक पदाधिकारी आदित्य प्रकाश के अनुसार, अगले एक सप्ताह तक जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी की संभावना है।
जिला प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
इधर बरारी, रजंदीपुर, फरका, बाबूपुर घोषपुर, इंग्लिश, मसाढू, ममलखा, शंकरपुर और अठगामा समेत कई दियारा और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैल गया है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का सबसे बुरा असर तटवर्ती इलाकों के किसानों पर पड़ा है। निचले खेतों में पानी भर जाने के कारण सब्जी और मक्का की फसलें पूरी तरह डूब गई हैं। इसके साथ ही, पशुओं के लिए चारे का गंभीर संकट भी उत्पन्न हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों की मुश्किलें काफी बढ़ गई है।
