भागलपुर।
3×800 मेगावाट पीरपैंती ताप विद्युत परियोजना के क्रियान्वयन, भूमि संबंधी मामलों, पुनर्वास एवं अन्य आवश्यक प्रशासनिक समन्वय की प्रगति को लेकर आज मासिक समीक्षा की गई। बैठक में परियोजना से जुड़े विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों द्वारा वर्तमान स्थिति एवं लंबित कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई।
समीक्षा के दौरान रेलवे एवं एप्रोच रोड के लिए लगभग 3 किलोमीटर लंबाई की भूमि से संबंधित मामलों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया गया। निजी भूमि के संबंध में धारा 21(2) की अधिसूचना 08 अगस्त 2026 को प्रकाशित की जा चुकी है तथा एक माह की कूलिंग अवधि 07 सितंबर 2026 को समाप्त होगी। भूमि की श्रेणी एवं दर निर्धारण के लिए 6 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। संबंधित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने पर जोर दिया गया।
100.98 एकड़ सरकारी भूमि के हस्तांतरण से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। परियोजना से प्रभावित 70 परिवारों के पुनर्वास की दिशा में कार्य प्रगति पर है। संथालिया टोला के 18 परिवारों के लिए अस्थायी आवास का निर्माण पूरा हो चुका है तथा विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने की प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार की जा रही है। वहीं पहाड़िया टोला के 52 परिवारों के आवासों में पेंटिंग एवं फिनिशिंग का कार्य प्रगति पर है, जिसे 15 सितंबर 2026 तक पूर्ण कर परिवारों को स्थानांतरित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रभावित परिवारों को बंदोबस्ती पर्चा भी वितरित किया जा चुका है।
गैरमजरुआ आम एवं गैरमजरुआ खास भूमि से संबंधित मामलों में भी प्रगति की समीक्षा की गई। 20.99 एकड़ गैरमजरुआ आम भूमि में से 12.54 एकड़ भूमि के हस्तांतरण को कैबिनेट से स्वीकृति प्राप्त है, जबकि शेष भूमि के हस्तांतरण की प्रक्रिया जारी है। 79.99 एकड़ गैरमजरुआ खास भूमि में 10.83 एकड़ भूमि ऊर्जा विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है तथा 52.18 एकड़ भूमि के अंतर-विभागीय हस्तांतरण का प्रस्ताव राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेजा गया है।
परियोजना के लिए गंगा नदी से लगभग 17 किलोमीटर लंबी जल पाइपलाइन के संबंध में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। सभी 09 मौजों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है तथा बिहार अंडरग्राउंड पाइपलाइन्स एक्ट, 2011 की धारा 3(1) के तहत अधिसूचना 17 अगस्त 2026 को जारी की गई है। अधिसूचना के प्रकाशन की कार्रवाई के लिए इसे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, पटना को भेजा गया है।
इंटेक पंप हाउस के लिए भूमि की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 के तहत प्रस्ताव को स्वीकृति मिल चुकी है तथा जिला स्तरीय रैयती भूमि क्रय समिति की अनुशंसा के आधार पर ₹27.10 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। संबंधित कार्यों में समन्वय के लिए पदाधिकारी नामित किए गए हैं।
समीक्षा के दौरान परियोजना क्षेत्र में रेलवे कॉरिडोर पर अवैध निर्माण से संबंधित नए मामले को भी संज्ञान में लिया गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं समन्वय सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
परियोजना स्थल पर निर्माण कार्य भी तेजी से जारी है। मुख्य प्लांट में पाइलिंग, चिमनी पाइलिंग, ESP फाउंडेशन, कूलिंग वाटर सिस्टम, रिजर्वायर, सड़क एवं ड्रेन, ऐश डाइक तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं का कार्य प्रगति पर है। परियोजना की निर्माण गतिविधियों को दर्शाने वाली तस्वीरें भी समीक्षा दस्तावेज में संलग्न हैं।
समीक्षा में परियोजना के सभी संबंधित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा लंबित भूमि एवं पुनर्वास संबंधी मामलों के त्वरित निष्पादन पर विशेष जोर दिया गया।
