जीविका स्वयं सहायता समूहों के लिए यूको बैंक का मेगा ऋण शिविर**जीविका दीदियों के सपनों को मिलेगा बैंक ऋण का सहारा**स्वरोजगार के लिए पूंजी की कमी नहीं, जीविका समूहों को मिलेंगे 6 से 10 लाख रुपये तक के ऋण*

भागलपुर। जीविका स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उद्यम, स्वरोजगार एवं आजीविका के लिए अब पूंजी की कमी बाधा नहीं बनेगी। यूको बैंक द्वारा जीविका स्वयं सहायता समूहों को उनकी आवश्यकतानुसार पर्याप्त मात्रा में बैंक ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। उक्त बातें यूको बैंक के महाप्रबंधक प्रदीप आनंद केशरी ने जीविका एवं यूको बैंक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित मेगा ऋण वितरण शिविर में कही।

उन्होंने कहा कि जीविका स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के साथ यूको बैंक का अनुभव काफी अच्छा रहा है। महिलाएं बैंक से ऋण लेकर विभिन्न प्रकार के उद्यम एवं स्वरोजगार संचालित कर रही हैं तथा समय पर ऋण की वापसी भी कर रही हैं। इससे महिलाओं के वित्तीय अनुशासन और बैंकिंग व्यवस्था के प्रति बढ़ते विश्वास का पता चलता है। उन्होंने कहा कि यूको बैंक स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने एवं वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव सहयोग करेगा।

इस अवसर पर जीविका के स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर मनीष कुमार ने कहा कि प्रत्येक स्वयं सहायता समूह को 6 से 10 लाख रुपये तक का बैंक ऋण उपलब्ध कराना लक्ष्य है। इससे समूहों को आर्थिक एवं आजीविका संबंधी गतिविधियों के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि समूहों को बैंक ऋण उपलब्ध कराने के साथ-साथ व्यक्तिगत उद्यम ऋण देने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि महिलाओं को अपना उद्यम शुरू करने एवं उसका विस्तार करने के लिए पर्याप्त वित्तीय सहयोग मिल सके।

जीविका भागलपुर के जिला परियोजना प्रबंधक सुनिर्मल गरेन ने बताया कि भागलपुर जिले में अब तक 38,938 जीविका स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। इनमें नवगठित करीब 9 हजार से अधिक समूहों के बचत खाते तथा 10 हजार से अधिक समूहों के ऋण खाते खोले जाने हैं। उन्होंने बताया कि जिले में सबसे अधिक स्वयं सहायता समूहों के खाते यूको बैंक के साथ खोले गए हैं। बैंक की ओर से समूहों के प्रति सकारात्मक एवं सहयोगात्मक व्यवहार के कारण बड़ी संख्या में जीविका दीदियां बैंकिंग एवं ऋण लेन-देन से जुड़ रही हैं।

उन्होंने बताया कि बैंक ऋण की समय पर वापसी सुनिश्चित करने के लिए जिले में सघन ऋण वापसी अभियान चलाया जाता है। जीविका समूहों की महिलाओं को नियमित रूप से ऋण वापसी के प्रति जागरूक किया जाता है। इसका सकारात्मक परिणाम यह है कि भागलपुर जिले में स्वयं सहायता समूहों द्वारा लिए गए बैंक ऋण की ऋण वापसी दर लगभग 99 प्रतिशत है।

मेगा ऋण वितरण शिविर में जीविका से जुड़े पदाधिकारियों एवं बैंक अधिकारियों ने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बैंक ऋण, वित्तीय प्रबंधन, उद्यम संचालन एवं समय पर ऋण वापसी के संबंध में जानकारी दी। इस मौके पर सबौर प्रखंड की जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी सुनैना देवी एवं रूबी प्रियम ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि बैंक ऋण की सहायता से महिलाओं को अपनी आजीविका गतिविधियों को आगे बढ़ाने तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है।

कार्यक्रम में जीविका के स्टेट प्रोजेक्ट मैनेजर मनीष कुमार, जीविका भागलपुर के जिला परियोजना प्रबंधक सुनिर्मल गरेन सहित भागलपुर एवं बांका जिले के सभी प्रखंड परियोजना प्रबंधक, सूक्ष्म वित्त प्रबंधक, वित्तीय समावेशन कंसल्टेंट, यूको बैंक के शाखा प्रबंधक तथा बड़ी संख्या में जीविका दीदियां उपस्थित रहीं।

मेगा ऋण वितरण शिविर का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय रूप से मजबूत बनाना, महिलाओं को उद्यम एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को और गति देना है। यूको बैंक एवं जीविका का यह संयुक्त प्रयास महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

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