- भागलपुर। जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार बाढ़ नियंत्रण एवं राहत कार्यों को लेकर जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी द्वारा प्रेस ब्रीफिंग आयोजित कर जिले में बाढ़ की वर्तमान स्थिति तथा जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की गई। प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, नावों के परिचालन, सामुदायिक रसोई तथा आपातकालीन सहायता व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है। 13 अंचल, 82 पंचायत और 269 गांव बाढ़ प्रभावित प्रशासन द्वारा जारी वर्तमान आंकड़ों के अनुसार जिले में बाढ़ का प्रभाव लगातार बढ़ा है। कल तक जहां 10 अंचल, 56 पंचायत, 171 गांव और 347 वार्ड प्रभावित थे, वहीं आज 13 अंचल, 82 पंचायत, 269 गांव और 571 वार्ड बाढ़ प्रभावित हो चुके हैं। प्रभावित परिवारों की संख्या भी 53,864 से बढ़कर 93,693 हो गई है। वहीं प्रभावित आबादी 2,17,811 से बढ़कर 3,87,600 तक पहुंच गई हैं। जिले में वर्तमान में 7 राहत शिविर संचालित हैं। इन राहत शिविरों में भोजन करने वाले लोगों की संख्या कल लगभग 5,000 थी, जो बढ़कर अब करीब 20,000 हो गई है। बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए नावों का परिचालन भी बढ़ाया गया है। कल 71 नावों का संचालन हो रहा था, जिसे बढ़ाकर आज 90 नावों का परिचालन किया जा रहा है। सभी अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों के लॉगबुक का संधारण किया जा रहा है तथा उनके संपर्क नंबर सार्वजनिक किए गए हैं। जिला प्रशासन ने निर्देश दिया है कि रात तक सभी नाव चालकों के सक्रिय मोबाइल नंबर भी आम लोगों के लिए उपलब्ध करा दिए जाएं, ताकि आपात स्थिति में प्रभावित लोग सीधे संपर्क कर सकें। जिला प्रशासन का सार्वजनिक संपर्क नंबर 0641-2402871 है। बाढ़ से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना या सहायता के लिए इस नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। आपदा शाखा को 24 घंटे सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है। साथ ही नाविकों के सक्रिय मोबाइल नंबरों की लगातार जांच करने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए पॉलीथिन शीट का वितरण भी तेजी से किया जा रहा है। कल तक 3,990 पॉलीथिन शीट वितरित की गई थीं, जिसकी संख्या आज बढ़कर 7,025 हो गई है। वहीं सामुदायिक रसोई की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। कल जिले में 15 सामुदायिक रसोई संचालित थीं, जिन्हें बढ़ाकर आज 91 कर दिया गया है। अकेले नाथनगर में 43 स्थानों पर सामुदायिक रसोई का संचालन किया जा रहा है। सामुदायिक रसोई के माध्यम से भोजन करने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है। कल तक जहां करीब 1,06,930 लोगों ने भोजन किया था, वहीं आज यह संख्या बढ़कर 1,92,266 हो गई है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में गर्भवती एवं धात्री महिलाओं की विशेष जरूरतों को देखते हुए प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आईसीडीएस विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे कराया गया है। सर्वे के आधार पर 12 अंचलों में कुल 2,420 गर्भवती महिलाओं और 1,786 धात्री महिलाओं को चिन्हित किया गया है। इन महिलाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा विशेष सुविधाएं एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि आपात स्थिति में जिला प्रशासन के संपर्क नंबर पर सूचना दें और सुरक्षित स्थानों पर रहने को प्राथमिकता दें।
