नीतीश मिश्रा ने दिल्ली के छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि वहां प्रदर्शन कर रहे लोगों के लिए पिज्जा और बिरयानी तक उपलब्ध कराई गई, जबकि झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों की आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपने राजनीतिक हित और सुविधा के हिसाब से छात्रों के मुद्दों पर अपना रुख बदल रहा है। देश के युवा इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से देख रहे हैं।
झारखंड में छात्र आंदोलन को लेकर अब बिहार की सियासत भी गरमा गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बाद मंगलवार को बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मिश्रा ने भाजपा नेताओं के साथ प्रेस वार्ता कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों का हवाला देते हुए विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाए। नीतीश मिश्रा ने कहा कि देश की राजनीति में इस समय कई सवाल लोगों के मन में उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में जब छात्र सड़क पर आए थे तो विपक्ष के कई बड़े नेता उनके समर्थन में खड़े हुए थे, लेकिन झारखंड में छात्र जब अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं तो विपक्ष उनकी सुध लेने नहीं पहुंच रहा है।
नीतीश मिश्रा ने संसद की कार्यवाही को लेकर भी कांग्रेस और राहुल गांधी को घेरा। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सदन में स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार हर मुद्दे पर जवाब देने के लिए तैयार है। इसके बावजूद पिछले करीब 15 दिनों से संसद की कार्यवाही बाधित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संसद की कार्यप्रणाली नियमों के तहत चलती है और सांसदों के पास अपने मुद्दे सदन में उठाने के कई प्रावधान हैं। सरकार ने लोकसभा और राज्यसभा में कहा है कि वह उठाए गए सवालों का जवाब देगी। ऐसे में विपक्ष को मुद्दे रखने के साथ-साथ सरकार का जवाब सुनने का धैर्य भी रखना चाहिए।
