
रंगरा चौक। प्रखंड कृषि कार्यालय, रंगरा चौक में वासंतिक (रबी) महाभियान-2026 के अंतर्गत प्रखंडस्तरीय प्रशिक्षण-सह-उपादान वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख श्री मोती यादव, उप परियोजना निदेशक (आत्मा), भागलपुर श्री प्रभात कुमार सिंह, प्रखंड किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष श्री कौशल किशोर सिंह, कृषि वैज्ञानिक डॉ. ममता कुमारी एवं प्रखंड तकनीकी प्रबंधक श्री गौरव कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रखंड प्रमुख श्री मोती यादव ने कहा कि हमारा प्रखंड गंगा और कोसी नदियों के बीच स्थित है। जहां अन्य क्षेत्रों के किसान अपने खेतों में दो-तीन फसलें उपजाते हैं, वहीं यहां के किसानों को मात्र एक फसल से संतोष करना पड़ता है। गंगा और कोसी की त्रासदी झेलते हुए इस प्रखंड के किसानों को हर साल बाढ़ की समस्या का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी फसलें नष्ट हो जाती हैं और किसान विकास नहीं कर पाते हैं। उन्होंने सरकार से गंगा एवं कोसी के तटबंधों को मजबूत करने की मांग की, ताकि बाढ़ जैसी समस्याओं से मुक्ति मिल सके और यहां के किसान भी अन्य क्षेत्रों की तरह दो-तीन फसलें उपजाकर सुखी एवं संपन्न जीवन जी सकें।
उप परियोजना निदेशक (आत्मा), भागलपुर श्री प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि दिनांक 26 अक्टूबर से रंगरा चौक प्रखंड की सभी पंचायतों में कृषि जनकल्याण चौपाल-सह-खेत बचाओ अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से किसानों को कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि खेती की दिशा बदलने से खेतों की दशा में सुधार होगा तथा किसानों की आय में वृद्धि होगी।
उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों पर निर्भरता कम करते हुए प्राकृतिक एवं जैविक खेती की पद्धतियों को अपनाने की अपील की। साथ ही केंचुआ खाद, मशरूम उत्पादन, स्वीट कॉर्न एवं बेबी कॉर्न जैसी फसलों, फसल विविधीकरण, समूह में खेती तथा एफपीओ (कृषक उत्पादक संगठन) के माध्यम से विपणन जैसी तकनीकों को अपनाकर खेती के तौर-तरीकों में बदलाव लाने एवं अपनी आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. ममता कुमारी ने किसानों को मृदा परीक्षण, उर्वरकों के संतुलित प्रयोग तथा फसलों में पोषक तत्वों की उचित मात्रा एवं सही समय पर उपयोग करने की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने किसानों को अपने खेतों में पोषण वाटिका विकसित करने तथा उसमें रासायनिक खाद के स्थान पर वेस्ट डीकंपोजर, गोबर खाद एवं केंचुआ खाद आदि का प्रयोग करने की सलाह दी।
किसान श्री वेद व्यास ने कहा कि इस तरह के कृषक कार्यक्रमों में किसानों को बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। कृषि की नई तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी आय दोगुनी कर सकते हैं। उन्होंने कृषि संबंधी जानकारी को पंचायत स्तर तक पहुंचाने तथा किसानों से खेत बचाओ अभियान जैसे महत्वपूर्ण अभियान में भाग लेकर नई तकनीक सीखने की अपील की।
कार्यक्रम में सभी किसान सलाहकार, कृषि समन्वयक, डाटा एंट्री ऑपरेटर तथा प्रगतिशील किसान एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसान श्री उमेश मंडल, श्रीमती रेनू ठाकुर, श्री विक्रम कुमार सहित अन्य कृषक उपस्थित थे।
कार्यक्रम का मंच संचालन कृषि समन्वयक श्री पियूष परमार ने किया तथा अंत में प्रखंड लेखापाल श्री धीरज प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।
